मेरा एक मित्र

 

Mera Ek Mitra

मेरे एक मित्र हैं। वे नृत्य देखते हैं तो रातभर में उदयशंकर को भी हरा देते हैं। वे संगीत सुनते हैं तो रातभर में तानसेन को भी हरा देते हैं। वे मिनिस्टरों की बातें सुन कर रातभर में राष्ट्रसंघ के महासचिव भी बन जाते हैं। मुश्किल यह है कि वे चाहते हैं सब कुछ बनना। पर, कुछ करने का प्रश्न उठता है तब वे सुबह आठ बजे उठते हैं। हर तीसरे दिन डॉक्टर की जी-हुजूरी करते हैं। शाम को जो ब्रिज पर बैठते हैं तो रात के एक बजे तक उठने का नाम नहीं लेते। कोई पुस्तक उठाते हैं तो केवल एक पृष्ठ पढ़कर सो जाते हैं। वे आजकल एक हल्के से क्लक हैं।

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